कतेक रास बात: ०९.२००६

कतेक रास बात: ०९.२००६
हमर असल नाम मनीष झा थिक. गाम चतरा, बेनीपट्टी ब्लोक, मधुबनी. सतमा क्लास धरि गामक स्कूल में, तकरा बाद दसमा क्लास धरि बन्गालक जलपाईगुडी जिला में, तकरा बाद बारहम क्लास धरि मध्य प्रदेश में जबलपुर में हमर पढाइ लिखाइ भेल अछि. आजुक ९० प्रतिशत मैथिल नवयुवक सभ जकाँ हमरो मैथिलिक सीमित ज्ञान अछि. हिन्दी सहित्य में हमर रुचि बहुत पहिले सँ छल. नागार्जुन बाबाक रचना सभ पढलाक बाद हमर भावना के जेना मार्ग भेट गेलै. नागार्जुन बाबाक प्रेरणा लऽ हम मैथिलि दिस अग्रसर भेलहु. हमर छद्म नाम 'बालचन' बाबाक एक गोट उपन्यासक नाम आ तहि उपन्यासक मुख्य पात्र थिक. हमर प्रमुख उद्देश्य मिथिलाक समान्य लोकक दिन प्रतिदिन के समस्या सभक चित्रण करबाक अछि. चित्रण भरि सँ त किछु होबै बला नहि छई, तैं हेतु समस्या निवारण दिस सेहो हमर नजरि लागल अछि, मुदा किछु साल बादे हम अहि लायक होयब. पेशा सँ हम कृषि अभियांत्रिक (Agricultural Engineer) छी. अखन भा. प्रॊ. सं. कानपुर में पर्यावरण अभियांत्रिकि एवं प्रबन्धनक स्नातकोत्तर छात्र छी. अपने लोकनिक उत्साहवर्धनाक अपेक्षा अछि.

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