हलका-फुलका



भारत
-पाकिस्तान क्रिकेट श्रृंखला चलि रहल छल। छोटकू कान में रेडियो लगौने पूर्ण मगनता'क साथ कमेंट्री सुनि रहल छल। हमर अग्रज राकेश बाबू पूछलखिन्ह जे स्कोर कतेक भेलैक। ओ हाथ सs इशारा करैत चुप रहै के लेल कहलकन्हि। एक-दू बेर फेर स' पुछला'क उपरांत जखन ओ किछु नहिं बाजल तs ओ ओकरा डपतैत कहलखिन्ह बकार हरन भs गेलौक की, बाज ने कतेक स्कोर भेलैक। ओ सकपकायत बाजि उठल "अंगरेजी में दय रहल छैक"।


--------------******************************----------------

इंटरनेट पर चैटिंग'क क्रम में राजीव बाबू हमरा स पुछलथि जे स्पीड कतेक अछि (हुनक तात्पर्य इंटरनेट स्पीड स रहन्हि),
हमर जवाब छल जे अंग्रेजी में 40शब्द प्रति मिनट!


----------*******************-------------


बंगलोर आबय सs पहिने हमर पदस्थापन भुवनेश्वर (उडीसा) में छल। ओहिठाम एकबेर एकटा मेडिकल सेमिनार'क आयोजन कयने छलहुँ। जाहि में एक स एक प्रतिष्ठित चिकित्सक सभ आमंत्रित छलाह। ओहि में एकटा टिपीकल उडिया महानुभाव कोनो प्रकारेण अपन टुटल-फूटल हिन्दी में हमरा स पुछलैत जे "आप लोगों का क्रियाकर्म कब शुरू होगा"।

हमर जवाब छल "आप जैसे चार-पाँच लोग कंधा देने आ जाऎंगे तो वो भी शुरु हो जाएगा"!

------------***************--------------


बहुत हँसी लेलहुँ। आब किछु आत्म-मंथन करु।

कहियो अपन मोबाइल/टेलीफोन स अपन नम्बर लगा के देखलियैक अछि। सदिखन व्यस्त भेटत, इ विधि'क लेख थिक। दुनिया-जहान स बात करय के लेल बहुत रास लाइन खुजल अछि मुदा अपना-आप स बात करय के लेल सभ लाइन व्यस्त अछि।


-कुन्दन कुमार मल्लिक, बंगलोर, सम्पर्क- +९१-९७४०१६६५२७


3 comments:

Rajiv said...

नमस्ते कुन्दनजी,

हम किछु दिन स अहाक रचना के रसास्वादन के रहल छि.अहां लिखल सब रचना ऊंच कोटी के अछि.अहां एकटा बढिया रचनाकार जेका रचना करैत छि चाहे उ अहांक लिखल पत्र,आलोचना/समालोचना या कोनो आन रचना. उम्मिद करैत छि जे अहां अहिना अपन रचना स हमरा लोकनिक विश्वास बनेने रहब.

अहाक
राजीव रंजन,
नई दिल्ली,
सम्पर्क
rajivranjan000@gmail.com
+९१-९९११५७०४४४

पद्मनाभ मिश्र said...

आब आवश्यकता जे कृएटिव राईटिंग पर विशेष ध्यान देल जाए. ध्यान रहय जे कोनो आर्टिकल एक पुरा रुप मे परिपूर्ण हो. आधा अधूरा नहि छोड़बाक चाही.

ओना कुन्दनजी... अपनेक विचार बढियाँ लागल.

Srijan Shilpi said...

बड़ नीक लागल अहांक लेखन शैली।