गाम'क गप-व्यवहार

माटीक घर आ फूस'क चार नीक लागैत अछि !
हमरा गामक गप-व्यवहार नीक लागैत अछि !!

गेल छलहुँ हम डेढ़ बरख पर,
अप्पन सुंदर गाम !!
लाल- लाल लिच्ची छल लुधकल,
हरियर-पीयर आम !!
आमक चटनी के'र चटकार नीक लागैत अछि !
हमरा गामक गप-व्यवहार नीक लागैत अछि !!

रवि, बृहस्पति आ मंगल दिन,
ओतय लागैत अछि हाट !
शहर'क माल'क बात करब कि,
जखन देखब ओ ठाठ !
हटिया पर'क बात-विचार नीक लागैत अछि !
हमरा गाम'क गप-व्यवहार नीक लागैत अछि !!

हरल-भरल सुषमा संपन्न थिक,
ई प्रकृतिक बेटी !
मोन करैत अछि एकर कोरा में,
भs निचिंत हम लेटी !
प्रकृति सुताक सहज श्रृंगार नीक लागैत अछि !
हमरा गामक गप-व्यवहार नीक लागैत अछि !!

एखनहु बुझलहुँ कि ने बुझलहुँ,
ई थिक मिथिला धाम !
जतय जनमली सीता मैय्या,
जतय बियाहल राम !!
गंडक, कमला केर जलधार नीक लागैत अछि,
हमरा गाम'क गप-व्यवहार नीक लागैत अछि !!

- करण समस्तीपुरी

5 comments:

कुन्दन कुमार मल्लिक said...

एक बेर फेर सँ कहि रहल छी जे एहि मंच पर हमरा सभहक बीच एकटा अहिं एहन छी जे साहित्य'क अधिकारिक योग्यता राखैत छी। सुन्दर प्रस्तुति। हमर शुभकामना।
सप्रेम-
कुन्दन

subhash said...

bhai namaskar.
pahine kich ta kahu ka baad swayan gamak gapak haal sunayal, nik gaap. kawita ke laybadh shailye nischit rupe prasansinya achhi. bus ek deg aagu badhal jay aa aakhir panti mein makta jenka apan nam ke sanhiyal jay, ta ahank haath pakrab kinko lel bad moskil. ehi sunnar rachna ke lel humra dis sa hardik badhai.

apnek,
subhash chandra
new delhi

Rajesh said...

Priye karan jee!

ahi kaveta'k madhyam san gaam-gharak je rup rekha man parlounh tahi hetu dhanyabad, muda ek baat puchhait chhi je etek badhi ela ke bado KAMLA,KOSHI,GANDAK KE jal dhara nik lagite aichh?
Bahut nik lagal.
Ahina likhait rahu.

Bishesh Dosar Ber....
Rajesh Jha
Darbhanga
rajesh90ranjan@gmail.com

गौरव गगन - Gaurav Gagan said...

namste
nik ya ,,gaam gela k baade iie sab lok bujhaiye chhaiye
hum aanha ta bujh gailiye lekin je khiyo gaam nai gaileye takra lel iie bud niik sanwaad chhaiye..
Gaurav Gagan

Ranjeet said...

Bhai Namaskar

Bastwik men agar dekhal je ta anha ke kawita men je bhab aichh se aur sab men nai dekhai ke bhetait aichh bastutah apnek mahan rachnakar men se ek chhi..........tahi men kahbak kono kaj nai...

Ranjeet Kumar Jha

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