tag:blogger.com,1999:blog-15885037.post125275129147342606..comments2008-01-05T17:31:47.752+05:30Comments on कतेक रास बात: बेगरताRajeev Ranjan Lallhttp://www.blogger.com/profile/18354335177402486449noreply@blogger.comBlogger4125tag:blogger.com,1999:blog-15885037.post-43556054046802433872008-01-05T17:31:00.000+05:302008-01-05T17:31:00.000+05:30bबड नीक लागल, सन्गहे अपन पुरान दिन सेहो याद आबि गे...bबड नीक लागल, सन्गहे अपन पुरान दिन सेहो याद आबि गेल, शादि के बारे मे सुनि कअ प्रस्न्ता सेहो भेल.आशा करइत छी जे बराती जरुर जायब.Ashutosh Choudharyhttp://www.blogger.com/profile/11441729692573480727noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-15885037.post-16980074558332729562008-01-03T16:18:00.000+05:302008-01-03T16:18:00.000+05:30आई भोर में आन्हा सं गप्प सेहो भेल छ्ल आर बहुत नीक ...आई भोर में आन्हा सं गप्प सेहो भेल छ्ल आर बहुत नीक लागल अहान्क प्रसंग पढि कय्. ईश्वर सं प्रार्थना अछि जे आहांके मन जोगर कनियां प्राप्त होय आर एकटा सुन्दर जीवन क प्रारम्भ करी.शैलेन्द्र मोहन झाhttp://www.blogger.com/profile/00101206178570917160noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-15885037.post-11095975000908508882008-01-03T09:55:00.000+05:302008-01-03T09:55:00.000+05:30राजीव जी;जल्दी सँ एकटा टिप्पणी द' रहल छी. अहाँक पू...राजीव जी;<BR/>जल्दी सँ एकटा टिप्पणी द' रहल छी. अहाँक पूरा रचना एक तरफ आ एकर शीर्षक एक तरफ. तैयो शीर्षके भारी बुझना जाइत अछि. हमरा याद आबि रहल अछि मोमिन खाँ मोमिनक एकटा शेर... कहने छलथि जे "तुम याद आते हो गोया जब दूसरा कोई नही होता". एहेन किँवदन्ति अछि जे गालिब हुनका कहने छलथि जे मोमिन तुम मेरे सारे शेर और गजल ले लो लेकिन यह शेर मेरे नाम कर दो. <BR/><BR/>बेगरता... जेना हम कहने छलहुँ देशज श्ब्द मे बहुत ताकत होइत छैक अहाँक शीर्षक एहि यूक्ति केँ बहुत बढियाँ तरीका सँ उद्धृत कयने अछि. <BR/><BR/>फुर्सत भेला पर आलोचक'क भाँति फेर सँ टिप्पणी करब.पद्मनाभ मिश्रhttp://www.blogger.com/profile/00743001936020943683noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-15885037.post-72102717927399321762008-01-03T01:33:00.000+05:302008-01-03T01:33:00.000+05:30एकटा सम्पूर्ण रचना। एहि सs बेसी उपयुक्त शब्द नहिं ...एकटा सम्पूर्ण रचना। एहि सs बेसी उपयुक्त शब्द नहिं भेटल। विनोद, रोमांस, प्रेम, विरह सभs सs ओतप्रोत। मुदा जे बात हमरा सभ सs बेसी प्रभावित कयलक ओ छल एहि कथा में छुपल संस्कार आ भावी जीवन संगिनी के प्रति समर्पण सेहो। आब तs माँ भगवती स एतबे प्रार्थना अछि जे जतेक जल्दी भय सकय अहाँ के बेगरता खतम भs जाय। मुदा राजीव बाबू हमर एकटा सलाह मानू आ ज्यादा अधीर नहिं होऊ कियैक जे 22 फरबरी में आब बेसी दिन बाकी नहिं अछि। जौं 28 साल त 50 दिन आओर.....।<BR/>हा.....हा......हा.......हा.....!!!!<BR/><BR/>किछु बात आओर अहाँक ई रचना त हास्य-विनोद स परिपूर्ण अछि मुदा अहाँक अनुमति होय तs किछु गंभीर बात कय ली। <BR/>मैथिलीक विकासक लेल अपनेक ई प्रयास आ एहि रचना में छुपल उद्देश्य निःसन्देह प्रशंसनीय अछि। अपनेक कथन पूर्णतया सत्य अछि जे मैथिली भाषा अपना-आप में एतेक परिपूर्ण अछि जे एहि में सभ तरहक भावना के प्रकट कयल जा सकैत अछि। जेखन मैथिली पति-पत्नीक बीच में बाजल जायत त एहि सs एकर प्रवाह हुनक संतान में सेहो हेतैक। गाम छोडि कय जे दम्पत्ति शहर में बसि गेल छैथ ओहि में अधिकांशक धिया-पूता केँ मैथिली नहिं बाजय आबैत छन्हि जे एकटा सोच के विषय अछि। कियैक जे हुनक बीच में मैथिलीक स्थान हिन्दी आ अंग्रेजी लय लेलक।<BR/><BR/>चलति-चलति एकटा बात आओर जे सिर्फ दू-तीन महीना में अहाँक बेगरता एतेक बढि गेल आओर अहाँ अधीर भय गेलहुँ मुदा हुनका सभकें की जे पिछला चारि-पाँच साल सs किनको विरह में तडैप रहल छैथ आ हुनक बेगरता खतम होमय में पता नहिं कतेक समय लगतन्हि। उम्मीद अछि जे अहाँक ई रचना बहुतो केँ हुनकर बेगरता बढा देतन्हि.<BR/><BR/>सफल वैवाहिक जीवनक अग्रिम शुभकामना स्वीकार करू।<BR/><BR/>अपनेक<BR/>कुन्दन कुमार मल्लिक<BR/>सम्पर्क- +91-9740166527कुन्दन कुमार मल्लिक, जय मिथिला, जय मैथिली!http://www.blogger.com/profile/03699865603391260097noreply@blogger.com