tag:blogger.com,1999:blog-15885037.post4035001315284279186..comments2008-05-13T15:43:40.271+05:30Comments on कतेक रास बात: इजोरिया राति में- कुन्दन कुमार मल्लिककुन्दन कुमार मल्लिकhttp://www.blogger.com/profile/03699865603391260097noreply@blogger.comBlogger4125tag:blogger.com,1999:blog-15885037.post-61394096032655980702008-05-13T15:43:00.000+05:302008-05-13T15:43:00.000+05:30की यौ सरकार,नहिए मानब! देखु एहन कविता जुनी लिखु जे...की यौ सरकार,<BR/>नहिए मानब! देखु एहन कविता जुनी लिखु जे हमरा फेर सों तुरते गाम'क रास्ता नजर आबि जाए ! किएक हम एक्खन तुरत्ते गाम सों अवैते छी! अपने'क कविता किछु काल'क लेल त सहिए में हमरा गाम पहुँचा देलक ! लेकिन सत्य मानू त अपनेक कविता में जे सौंदर्य अछि, वो त आब गाम में नदारद ! सब जगह कृत्रिमता आबि गेल अछि आ नवका युग'क ई कृत्रिमता गाम'क प्राकृतिक सौन्दर्य के निगली रहल अछि ! काश अपना सब किछु क सकितौं !!!करण समस्तीपुरीhttp://www.blogger.com/profile/10531494789610910323noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-15885037.post-84791072146752586022008-05-10T13:41:00.000+05:302008-05-10T13:41:00.000+05:30भाई साहेब,"इजोरिया राति में" कविता पढि के मजा आबि ...भाई साहेब,<BR/>"इजोरिया राति में" कविता पढि के मजा आबि गेल। सत्ते जेना ढप-ढप इजोरिया मोन के छकुआ देलक। बंगलोर हो वा दिल्ली सभ ठाम एक्के परिदृश्य छै।<BR/>सुभाष चन्द्र<BR/>13/ए, सी बी ब्लॉक,<BR/>शालिमारबाग, दिल्ली- 88,<BR/>मो.- 09871846705Anonymousnoreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-15885037.post-73654944171790506322008-05-09T18:45:00.000+05:302008-05-09T18:45:00.000+05:30कुन्द न जी आहां द्वारा लीखल कविता बड नीक लागल आहां...कुन्द न जी आहां द्वारा लीखल कविता बड नीक लागल आहां स ऊम्मीद करैत छी की आहांक कविता सब के नीक लाग्तैन<BR/>ध्न्य्वादBirendra Kumar Mallikhttp://www.blogger.com/profile/13287208624438974441noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-15885037.post-51025351223500305352008-05-08T10:10:00.000+05:302008-05-08T10:10:00.000+05:30नमस्ते कुन्दनजी,कविता के जतेह बखान कैल जै कम अछि.ह...नमस्ते कुन्दनजी,<BR/>कविता के जतेह बखान कैल जै कम अछि.<BR/>हम त बस एतवै कहब चाहब जे "तुसि ग्रेट हो पाजी". अहांक कलम स निकलल हरेक शब्द एकटा तीर अछि जे, सीधे दिल में धसी जायत अछि.<BR/><BR/>अहांक<BR/>अमरजीRajivhttp://www.blogger.com/profile/16951884267505800003noreply@blogger.com